// 05 . WRITING•PUBLISHED: 16, Aug, 2026
खोखले लोग
Gazalreally

जो अपनी ही अना में उम्र भर आबाद रहते हैं,
उन खोखले लोगों की कोई अपनी 'ज़ात' नहीं होती।
महफ़िल में बड़े-बड़े दावे तो वो रोज़ करते हैं,
मगर उन बे-असर लोगों की कोई 'बात' नहीं होती।
जो ख़तरे मोल लेने से हमेशा दूर भागते हैं,
उनके इरादों में कभी कोई 'ताक़त' नहीं होती।
मतलब के रिश्तों का बाज़ार सजाते हैं जो लोग,
अपनों से उनकी कभी कोई सच्ची 'मुलाक़ात' नहीं होती।
जो हीरे को ठुकराकर कंकड़ चुनते हैं लालच में,
उनकी तकदीर में कभी खुशियों की 'सौगात' नहीं होती।
खुद को ही पता नहीं उनको क्या चाहिए ज़िंदगी से,
इन खोखले लोगों की अपनी कोई 'कायनात' नहीं होती।
ARTICLE: खोखले लोग
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