MKmradul katiyar
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// 05 . WRITINGPUBLISHED: March, 18, 2026

आज फिर तेरी यादों ने

Hindishayarisad
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आज फिर तेरी यादों ने

दिल के दरवाज़े पर दस्तक दी है…

जैसे कोई था

जो कभी गया ही नहीं।

आज फिर तेरे ख़यालों का सैलाब आया,

और दिल…

फिर से डूब गया —

बिना किसी सहारे के।

आज फिर तेरी ख़ामोशी ने

दिल को टुकड़ों में बाँट दिया,

और हर टुकड़ा…

बस तेरा नाम लेता रहा।

आज फिर मैं खुद से हारा हूँ,

आज फिर मैं तुझमें हारा हूँ,

आज फिर मैं…

खुद को खो चुका हूँ।

सच कहूँ —

तू पास नहीं है,

पर तेरी कमी हर जगह महसूस होती है…

और अजीब बात ये है —

मैं हर रोज़ तुझसे दूर जाता हूँ,

पर हर रात

तेरे और क़रीब आ जाता हूँ।

ARTICLE: आज फिर तेरी यादों ने

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